पोकर एओ विवो 2021

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time:2021-10-28 22:33:21 फ्रैंकलिन टेम्पलटन एमएफ से आपको अपना निवेश कब निकालना चाहिए? Views:4591

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फ्रेंकलिन टेंपलटन के इंडियन मैनेजमेंट ने घरेलू कारोबार के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई थी.
फ्रेंकलिन टेंपलटन की स्टोरी में रोज नई रोचकता आ रही है. तरलता के संकट से शुरू हुआ फ्रैंकलिन का मामला अब डेट फंड को बंद करने से होता हुआ विदेश नीति पर जाकर अटक गया है. इस बारे में पिछले महीने इकनॉमिक टाइम्स ने आपको जानकारी दी थी कि एसेट मैनेजर के अमेरिकी पैरंट कंपनी ने इस मामले में भारतीय प्रशासन से संपर्क कर समाधान निकालने के लिए डिप्लोमेटिक चैनल ढूंढना शुरू किया है.

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एसेट मैनेजर ने वास्तव में यह भी संकेत दिया था कि अगर नियामक इसके ऊपर कार्रवाई करता है तो यह उस से कैसे पीछा छुड़ा सकता है. इसके कुछ दिन बाद ही फ्रेंकलिन टेंपलटन के इंडियन मैनेजमेंट ने घरेलू कारोबार के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई थी. उसके बाद भी फंड हाउस द्वारा कई स्कीम को वापस लेने की वजह से फ्रेंकलिन के निवेशक निराश हो चुके हैं.

एक नए डेवलपमेंट में अब फ्रेंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड के उन निवेशकों के लिए भी संकट आ सकता है जो उसके द्वारा बंद किए गए 6 फंड से अलग निवेश कर चुके हैं. भारत में म्यूचुअल फंड कारोबार में बहुत पुरानी खिलाड़ियों में से एक फ्रेंकलिन टेंपलटन ने भारत में दुनिया के बेस्ट वेल्थ मैनेजमेंट प्रैक्टिस की शुरुआत की थी.

वास्तव में राजकोषीय प्रावधानों और जिम्मेदारियों के हिसाब से फ्रेंकलिन टेंपलटन के प्रावधान को गोल्ड स्टैंडर्ड का माना जाता था. डेट स्कीम को हैंडल करने में फ्रेंकलिन टेंपलटन की गलतियों ने बहुत से निवेशकों का भरोसा छीन लिया है.

फ्रेंकलिन टेंपलटन की म्यूचुअल फंड स्कीम में अब तक ₹78,000 करोड़ का निवेश किया जा चुका है, लेकिन बहुत से लोग अपना निवेश भुनाना चाहते हैं. सवाल यह है कि क्या आपको फ्रेंकलिन टेंपलटन फंड में किए गए निवेश में बने रहना चाहिए या इसे भुना लेना चाहिए?

अगर आप इस बात से परेशान हैं कि आपका पैसा फ्रेंकलिन के पास पड़ा हुआ है तो आपको इस निवेश से घबराने की जरूरत नहीं है. आपका पैसा सुरक्षित है और यह एक ट्रस्ट में रखा हुआ है जो आपके नाम से बना हुआ है. एएमसी सिर्फ फीस लेकर आपके पैसे का प्रबंधन कर रही है. अगर कोई फंड हाउस अपना कारोबार समेट लेता है और बंद हो जाता है तो निवेशकों को मौजूदा एनएवी पर फंड हाउस से निकलने का मौका मिलता है.

अगर निवेशक जबरन अपना पैसा किसी म्यूचल फंड से निकालते हैं तो इसमें भी जोखिम होता है. सबसे पहली बात तो यह कि आपको कैपिटल गैन पर टैक्स देना पड़ता है. इसके साथ ही आपकी टैक्स देनदारी इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपने किसी स्कीम में किस तरह से निवेश किया हुआ है. इसके साथ ही दोबारा इन्वेस्टमेंट के जोखिम की वजह से भी किसी म्यूच्यूअल फंड से निकलना समझदारी वाला काम नहीं है.

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फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की बंद हो चुकी स्कीमों के निवेशकों को इस हफ्ते पैसे मिल जाएंगे. छह स्कीमों के निवेशकों को 2,962 करोड़ रुपये इस हफ्ते मिल जाएंगे.वित्त वर्ष 2020-21 में घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 41 फीसदी बढ़कर 31.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचई गई.वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश चार गुना बढ़ा

निवेशकों के सोने का आकर्षण बढ़ा है. वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों ने 6,900 करोड़ रुपये डाले.मुंबई, 28 अक्टूबर (भाषा) वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारत में आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल और उपभोक्ता मांग में सुधार के चलते सोने की मांग जूलाई-सितंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 47 प्रतिशत बढ़कर 139.1 टन हो गई। डब्ल्यूजीसी के मुताबिक भारत में सोने की मांग कोविड से पहले के स्तर पर वापस आ गई है और आगे तेजी बनी रहने की उम्मीद है। ‘स्वर्ण मांग प्रवृत्ति, 2021’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि 2020 की सितंबर तिमाही के दौरान देश में सोने की कुल मांग 94.6 टन थी। मूल्य केमहामारी के बाद ज्यादातर व्यापारिक प्रमुखों पर अधिक लचीला रुख अपनाने का दबाव: अध्ययन

नयी दिल्ली 28 अक्टूबर (भाषा) जमीन जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनी डीएलफ लिमिटेड ने बृहस्पतिवार को बताया कि तीस सितंबर को समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध 66 प्रतिशत बढ़कर 378.12 करोड़ रुपये हो गया। डीएलएफ को इससे पिछले वित्त वर्ष 2020-21 की इसी तिमाही के दौरान 227.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। कंपनी की आलोच्य तिमाही के दौरान हालांकि आय घटकर 1,556.53 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,723.09 करोड़ रुपये थी।शेयरों में निवेश से जुड़े जोखिम के अलावा इंटरनेशनल फंड में निवेश से करेंसी का जोखिम भी जुड़ा होता है. दूसरे देश की मुद्रा के मुकाबले रुपये में कमजोरी और मजबूती का असर आपके रिटर्न पर पड़ता है.डीएलएफ का शुद्ध लाभ दूसरी तिमाही में 66 प्रतिशत बढ़कर 378 करोड़ रुपये पर

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प्राइम इंवेस्टर ने निवेशकों को फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की सभी स्कीमों से निकासी करने की सलाह दी है. प्राइम इंवेस्टर चेन्नई की एक स्वतंत्र रिसर्च फर्म है.

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मुंबई, 28 अक्टूबर (भाषा) वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने एक रिपोर्ट में कहा कि भारत में आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल और उपभोक्ता मांग में सुधार के चलते सोने की मांग जूलाई-सितंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 47 प्रतिशत बढ़कर 139.1 टन हो गई। डब्ल्यूजीसी के मुताबिक भारत में सोने की मांग कोविड से पहले के स्तर पर वापस आ गई है और आगे तेजी बनी रहने की उम्मीद है। ‘स्वर्ण मांग प्रवृत्ति, 2021’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि 2020 की सितंबर तिमाही के दौरान देश में सोने की कुल मांग 94.6 टन थी। मूल्य के

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फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की बंद हो चुकी स्कीमों के निवेशकों को इस हफ्ते पैसे मिल जाएंगे. छह स्कीमों के निवेशकों को 2,962 करोड़ रुपये इस हफ्ते मिल जाएंगे.

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